अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रो. सुरेंद्र सिंह परिहार के पेंशन और स्वत्व भुगतान पर शिकायत के बाद रोक लगी है। जीडीसी प्राचार्य अब आयुक्त उच्च शिक्षा से मार्गदर्शन लेकर आगे निर्णय लेंगी।
मैहर के नादन शासकीय महाविद्यालय तक पक्की सड़क नहीं होने से बारिश में पहुंचना मुश्किल हो गया है। 120 सीटों वाले कॉलेज में अब तक केवल दो प्रवेश हुए, जिससे करोड़ों की परियोजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और विद्यार्थियों के कल्याण के लिए पूरी तरह गंभीर है। जानिए NEP-2020 और नए विश्वविद्यालयों से जुड़ी मुख्य बातें।
उच्च शिक्षा मंत्री के रीवा दौरे के बीच अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षा विलंब, प्रशासनिक अव्यवस्था, नियुक्तियों और अन्य मामलों से जुड़े आरोप फिर चर्चा में हैं। छात्र सुधारात्मक कदमों और पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद लगाए हुए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (CLC) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। 15 जुलाई तक चलने वाली इस प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल, रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करने के नियम यहाँ जानें।
भारत में उच्च शिक्षा के बजट को लेकर संसदीय समिति ने जताई चिंता। NEP 2020 के लक्ष्यों और GDP का 6% खर्च करने की सिफारिश के बारे में विस्तार से जानें।
एमपी बोर्ड टॉपर चांदनी विश्वकर्मा से मिलने भोपाल के भीमनगर स्लम पहुंचे CM मोहन यादव। मुख्यमंत्री ने छात्रा की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने और पक्का घर बनवाने का दिया भरोसा। जानिए क्या है टॉपर का सपना।
सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए 'इक्विटी रेगुलेशंस 2026' पर रोक लगा दी है। जानें क्यों सामान्य वर्ग के छात्र इन नियमों को भेदभावपूर्ण बता रहे हैं और CJI ने ड्राफ्ट सुधारने के क्या निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में विश्वस्तरीय शिक्षा के लिए टास्क फोर्स के गठन का निर्देश दिया। ASU, पर्ड्यू और एशिया यूनिवर्सिटी से अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए संवाद तेज है, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शोध के अवसर मिलेंगे।
रीवा जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार एडमिशन प्रक्रिया बुरी तरह फ्लॉप रही। 18 कॉलेजों में कुल 27,445 सीटों में से 10,142 सीटें खाली रह गईं। खासकर बैकुंठपुर और संस्कृत कॉलेजों की हालत बेहद खराब है। बैकुंठपुर कॉलेज में 1260 सीटों में से केवल 39 पर ही एडमिशन हुआ। कई नामी कॉलेज भी सीटें नहीं भर पाए, जिससे उच्च शिक्षा की गिरती मांग पर सवाल उठ रहे हैं।






















